भाववाचक संज्ञा | Bhav Vachak Sangya in Hindi and Examples

भाववाचक संज्ञाओं की रचना 

What Is Bhav Vachak Sangya ?

प्रत्ययों का प्रयोग करके संज्ञाएँ एवं विशेषण बनाए जाते हैं। नीचे उनके कुछ उदाहरण दिए जा रहे हैं – 

जातिवाचक संज्ञाओं से भाववाचक संज्ञाएँ

जातिवाचक संज्ञाभाववाचक संज्ञाजातिवाचक संज्ञाभाववाचक संज्ञा
पुरुषपौरुषमनुष्यमनुष्यता
प्रभुप्रभुत्वमित्रमित्रता
बन्धुबन्धुत्वलड़कालड़कपन
बच्चाबचपनशत्रुशत्रुता

क्रियाओं से भाववाचक संज्ञाएँ

क्रियाभाववाचक संज्ञाक्रियाभाववाचक संज्ञा
उड़नाउड़ानदेखनादिखावा
काटनाकटाईधोनाधुलाई
खेलनाखेलधमकानाधमकी
खोजनाखोजपहुँचनापहुँच
गानागानपकड़नापकड़
मिननागिनतीपहननापहनावा
छींकनाछींकभूलनाभुलावा
देनादेनलूटनालूट
दौड़नादौड़हारनाहार
मुस्कानामुस्कराहटमिलनामिलावट

विशेषणों से भाववाचक संज्ञाएँ

विशेषणभाववाचक संज्ञाविशेषणभाववाचक संज्ञा
अधिकअधिकतापण्डितपण्डिताई
ओछाओछापनबूढ़ाबुढ़ापा
ऊँचाऊँचाईबुराबुराई
एकएकताबेईमानबेईमानी
कड़वाकड़वाहटबुद्धिमानबुद्धिमत्ता
कालाकालिमाभलाभलाई
खट्टाखटासमधुरमधुरता / माधुर्य
खुशखुशीमीठामिठास
गरमगरमीमूर्खमूर्खता
गरीबगरीबीराष्ट्रीयराष्ट्रीयता
चतुरचतुराईलम्बालम्बाई
चिकनाचिकनाईवीरवीरत्व / वीरता
ज्यादाज्यादतीविधवावैधव्य
दीनदीनतासुन्दरसौन्दर्य / सुन्दरता
पागलपागलपनसरलसरलता

विशेषणों की रचना

संज्ञाओं से विशेषणों की रचना

संज्ञाविशेषणसंज्ञाविशेषण
अन्तअन्तिमक्षणक्षणिक
अंचलआंचलिकखेलखिलाड़ी
अग्निआग्नेयग्रामग्रामीण
अक्लअक्लमंदघरघरेलू
अवरोधअवरुद्धचाचाचचेरा
आदरआदृत / आदरणीयजहरजहरीला
आराधनाआराध्यदेशदेशी / देशीय
आत्माआत्मिक / आत्मीयनोकनुकीला
आश्रयआश्रितपश्चिमपश्चिमी / पाश्चात्य
इच्छाऐच्छिकपूजापूज्य / पूजनीय
ऋणऋणीप्यासप्यासा
किताबकिताबीबर्फबर्फीला
कल्पनाकल्पित / काल्पनिकमंगलमांगलिक
केन्द्रकेन्द्रित / केन्द्रीयमेधामेधावी
क्रोधक्रुद्धवर्षवार्षिक
क्लेशक्लिष्टशक्तिशाक्त

धातुओं (क्रियाओं) से विशेषण

धातुविशेषणधातुविशेषण
अड़अड़ियलभागभगोड़ा
कृकृतमिलमिलनसार
खेलखिलाड़ीलभ्लब्ध
झगड़झगड़ालूलुभ्लुब्ध
टिकटिकाऊलड़लड़ाका / लड़ैत
तैरतैराकलूटलुटेरा
दादेय / दत्तरोरोवनहारा
दृश्दर्शनीयरखराखनहारा
पढ़पढ़नेवालाशुध्शुद्ध
पीपियक्कड़शृश्रवणीय
पूज्पूज्य / पूजनीयशोष्शोषित
बढ़बढ़ियासुहासुहावना, सुहाना
बहबहताहॅंसहँसोड़

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