सर्वनाम किसे कहते हैं ? | What Is Sarvanam in Hindi Grammar ?

सर्वनाम 

सर्वनाम का अर्थ है – सभी संज्ञाओं के लिए प्रयुक्त होनेवाला नाम; 

जैसे – 

मोहन जाता है। वह एक अच्छा लड़का है। 

सर्वनाम वाक्य में कर्त्ता, कर्म और पूरक के स्थान पर आ सकते हैं; जैसे – 

कर्त्ता  – वह जाता है। 

कर्म  –  उसको बुलाओ । 

पूरक  – वह कौन है ? 

लिंग के कारण सर्वनाम में कोई परिवर्तन नहीं होता; जैसे – 

वह जाता है। वह जाती है। 

वचन के कारण सर्वनाम में परिवर्तन होता है; जैसे – 

वह पढ़ता है। वे पढ़ते हैं। 

परसर्ग के कारण सर्वनाम में परिवर्तन होता है; जैसे – 

(वह) उसने खाया । (वे) उन्हें बुलाओ । 

(मैं) मुझसे कुछ न पूछो । 

‘आप’ और ‘कुछ’ में परिवर्तन नहीं होता; जैसे – 

आपका सामान तैयार है। कुछ खा लो । 

सर्वनाम छह प्रकार के होते हैं। 

१. पुरुषवाचक (मैं, तुम आदि) 

२. निश्चयवाचक (यह वह आदि ) 

३. अनिश्चयवाचक (कोई, कुछ आदि )

४. सम्बन्धवाचक (जो) 

५. प्रश्नवाचक (कौन, क्या) 

६ निजवाचक (आप) 

इन पर नीचे विचार किया जा रहा है। 

१. पुरुषवाचक सर्वनाम 

किसी पुरुष या स्त्री के नाम के बदले आनेवाले शब्द को पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। इनके तीन प्रकार हैं। 

– उत्तम पुरुष :   मैं, हम 

– मध्यम पुरुष : तू , तुम, आप 

– अन्य पुरुष  : वह, यह, वे, ये 

२. निश्चयवाचक सर्वनाम 

पास के अथवा दूर के व्यक्ति या वस्तु का निश्चित बोध करानेवाले शब्द को निश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं – 

पास : यह, ये 

दूर : वह , वे 

३. अनिश्चयवाचक सर्वनाम 

किसी व्यक्ति, प्राणी या वस्तु का निश्चित बोध न करानेवाले शब्द को अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं – 

प्राणी : कोई 

अप्राणी : (वस्तु) कुछ 

४. सम्बन्धवाचक सर्वनाम 

किसी दूसरी संज्ञा या सर्वनाम से संबंध दिखाने के लिए आनेवाले शब्द को संबंधवाचक सर्वनाम कहते हैं – 

जो (वह), जो (वे)

५. प्रश्नवाचक सर्वनान 

प्रश्न पूछने के लिए प्रयुक्त शब्द को प्रश्नवाचक सर्वनाम कहते हैं 

– अज्ञात व्यक्ति / प्राणी : कौन , कौन-कौन 

– अज्ञात वस्तु :  क्या , क्या-क्या 

६. निजवाचक सर्वनाम 

जो शब्द कर्त्ता के विषय में कुछ बताता है उसे निजवाचक सर्वनाम कहते है |

जैसे –

आप / स्वयं / खुद

आइए, इनके प्रयोग देखें : 

1, मैं दसवीं कक्षा में पढ़ता । (उत्तम पुरुष एकवचन) 

हम सब भारतीय हैं। (उत्तम पुरुष, बहुवचन) 

तू सच बोलती है। (मध्यमपुरुष एकवचन) 

तुम कहाँ रहते हो ? (मध्यमपुरुष, एकवचन) 

तुम लोग यहीं बैठो। (मध्यमपुरुष, बहुवचन) 

आप कृपया पधारिए (मध्यमपुरुष एकवचन) 

आप लोग बहुत दयालु हैं (मध्यमपुरुष, बहुवचन) 

वह / यह आ रहा है। (अन्यपुरुष एकवचन) 

वे / ये पढ़ रहे हैं। (अन्यपुरुष, बहुवचन)

2. मैं यह काम आप / खुद / स्वयं कर लूंगा (निजवाचक) 

तू पूरा काम अपने आप कर पाएगा (निजवाचक) 

वे आप ही आप चले गये। (निजवाचक) 

यह हमारा आपस का मामला है। (निजवाचक) 

यह मुझसे नहीं, अपने आप से पूछो । (निजवाचक) 

3.यह एक कलम है। (निश्चयवाचक, निकटवर्ती) 

ये / वे मेरी पुस्तकें हैं। (निश्चयवाचक, दूरवर्ती) 

4.कोई / कोई-न-कोई दौड़ रहा है। (अनिश्चयवाचक, एकवचन, व्यक्ति) 

सब कोई / कोई-कोई ऐसा कहते हैं। (अनिश्चयवाचक, बहुवचन, व्यक्ति) 

तुमने कुछ / कुछ-न-कुछ तो खा लिया ? (अनिश्चयवाचक, एकवचन, वस्तु) 

5. कौन वहाँ सो रहा है ? (प्रश्नवाचक, एकवचन, व्यक्ति) 

कौन-कौन खा चुके हैं ? (प्रश्नवाचक, बहुवचन, व्यक्ति) 

उन मिठाइयों में से तुम्हें कौन-कौन सी पसंद हैं ? (प्रश्नवाचक, बहुवचन, वस्तु) 

तुम क्या चाहते हो ? (प्रश्नवाचक, एकवचन में प्रयोग) 

6.जो करेगा सो भरेगा (संबंधवाचक, एकवचन) 

जो -जो यहाँ आए, वे सब खाना खाकर गए। (संबंधवायक, बहुवचन) 

जो कमाएगा, वह खाएगा । (संबंधवाचक, एकवचन)

सर्वनामें की रूपावली 

        वर्ग -1

कारकउत्तमपुरुष एकवचनउत्तमपुरुष बहुवचन
कर्ता
कर्म ​
करण
संप्रदान
अपादान
संबंध
अधिकरण
मैं / मैंने
मुझे / मुझको
मुझसे
मुझे / मुझको / मेरे लिए
मुझसे
मेरा / मेरे / मेरी
मुझमें / मुझ पर
हम / हमने
हमें / हमको
हमसे
हमें / हमको / हमारे लिए
हमसे
हमारा / हमारे / हमारी
हम में / हम पर

तू ( मध्यमपुरुष एकवचन) का रूप ‘मैं’ की तरह होगा । 

तुम (मध्यमपुरुष, बहुवचन) का रूप ‘हम’ की तरह होगा ।

वर्ग -21

कारकअन्यपुरुष एकवचनअन्यपुरुष बहुवचन
कर्ता
कर्म
करण
संप्रदान
उपादान
संबंध
अधिकरण
वह / उसने
उसे / उसको
उससे
उसे / उसको / उसके लिए
उससे
उसका / उसके / उसकी
उसमें / उस पर
वे / उन्होंने
उन्हें / उनको
उनसे
उन्हें / उनको / उनके लिए
उनसे
उनका / उनके / उनकी
उनमें / उन पर
(यह, ये, कौन, क्या, जो, सो के रूप इस प्रकार होंगे । )

वर्ग -3

अनिश्वयवाचक सर्वनाम

वचनमूल रूपतिर्यक रूप
एकवचन
बहुवचन
कोई
कोई
किसी ने / को / से / के लिए / का / के / की / में / पर
किन्हीं ने / को / से / के लिए / का / के / की / में / पर

वर्ग -5
‘कुछ’ और ‘आप’ के मूल रूप और तिर्यक रूप समान-समान रहते हैं ।

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